उत्तराखंड के हादसे के बाद सबसे आवश्यक क्या है ,लापता लोगों की खोजबीन
,मृतकों का अंतिम संस्कार ,घायलों व पीडितो का उपचार ,बाद से प्रभावित हुए
सैकड़ो ग्रामो के नागरिको के पुनर्वास ,उनके लिए रहने खाने ,पीने ,रोजगार
,इलाज ,के लिए पुख्ता इंतजाम .जो वास्तव में सबसे पहले .व त्वरित होना
चाहिए ,अथवा यह कि,केदारनाथ में मंदिर का पुनरुद्धार कौन करेगा ,दो
मुख्यमंत्री ,और एक व्यवसायी को मंदिर बनाने कि अधिक चिंता है ,एक
शंकराचार्य और केदारनाथ के पुजारी इस बात पर वाद विवाद कर रहे है, कि पूजा
कहा होना चाहिए ,जरा सोचिये एक तरफ तो यह कहा जाता है कि मानव सेवा ही
माधव सेवा है ,मानवता से बड़ा कोई धर्मं नहीं ,तो मंदिर ,और पूजा को लेकर यह
विवाद क्यों ,सबसे अच्छा कम तो सेना कर रही है ,जो अपने जवानो की जान देकर
भी प्रभावित लोगो को बचा रही है ..