अंधविश्वास,डायन (टोनही) प्रताड़ना एवं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण

I have been working for the awareness against existing social evils,black magic and witchcraft that is prevalent all across the country and specially Chhattisgarh. I have been trying to devote myself into the development of scientific temperament among the mass since 1995. Through this blog I aim to educate and update the masses on the awful incidents & crime taking place in the name of witch craft & black magic all over the state.

Sunday, May 8, 2016


#‎Awareness‬ against ‪#‎witchcraft‬ and ‪#‎superstitions‬. मुझे जानकारी मिली थी कि खरोरा के पास एक गाँव की लड़की को उसके ससुराल वालों ने डायन/टोनही के शक में बुरी तरह प्रताड़ित किया है उसे न केवल मारा पीटा गया ;मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगाने की कोशिश की गयी और तो और हरेली के दिन बैगा को बुलाया गया जिसने उसके हाथ पर कपूर रख कर जला दिया; जब वह तंग आकर अपने मायके गयी तो वहां भी उसे समाज के बंधनो के चलते जगह नहीं मिली अंत में जब वह शिकायत करने पुलिस थाने गयी तो उसे नारी निकेतन जाने की सलाह दी गयी; मैंने उस युवती से नारी निकेतन जा कर मुलाकात की उसकी आपबीती सुनी ; उसने बताया कि ससुराल में टोनही के आरोप में प्रताड़ना सहते जब उसे जान का खतरा महसूस होने लगा तो उसने मायके की शरण ली पर जब मायके वालों ने समाज क़ी बंदिश के कारण अपनाने से इंकार दिया तो उसे किसी ने पुलिस थाने जाने की सलाह दी और फिर वह मायके और ससुराल में
भर पूरा परिवार होने के बाद भी नारी निकेतन की शरण में आ गयी उसने मुझे अपनी हथेली में जलने का निशान भी दिखाया जो बैगा के जलाने से बना है वह अब पढ़ाई भी करना चाहती है : मैंने उससे कहा है कि मैं उसके मायके वालों ;ससुराल वालों और उसके समाज के लोगों से जाकर मिलूंगा और उन्हें समझाऊंगा कि वे अपने अन्धविश्वास और रूढ़िवादी सामाजिक नियमों के चलते एक निर्दोष और भोली भाली युवती का भविष्य अंधकारमय न करें फिर मैंने उस बालिका के ग्राम   जाकर उसके पिता ,दादा ,उस की मां से मुलाकात की ,तब वहां पता चला  क़ि सामजिक   बहिष्कार के डर से वे न ही उस बच्ची से मुलाकात करने जा पा रहे हैं और न ही उसे घर में रख पा रहे हैं क्योंकि उनके ग्राम में ऐसी घटनाएं हुई है जिसमे पूरे परिवार का समाज से बहिष्कार कर दिया गया और वे आजीवन समाज से बाहर रहे ,हमने उन्हें उनके समाज के प्रमुखों से बातचीत कर  मामले को सुलझाएंगे.  डॉ दिनेश मिश्र


बाल विवाह जैसीसामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए जन जागरण जरुरी-.डॉ .दिनेश मिश्र -छत्तीसगढ़ में बाल विवाह के सन्दर्भ में भारत के जनगणना महापंजीयक के द्वारा पिछले वर्ष जारी एक रिपोर्ट में जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़ में दोलाख,तीन हजार पाँच सौ सैतीस (2,03537)बाल वधुएँ है जिसमें से बाइस हजार सात सौ अट्ठाइस की उम्र 14 वर्ष से कम है जनगणना के 2011 के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर जरी की गयी इस रिपोर्ट में जानकारी दी गयी है की 10 से 19 वर्ष की उम्र की बाल वधुओ की संख्या ग्रामीण अंचल में एक लाख साठ हजार चार सौ चौतीस(1,60,433) निकली ,वहीं शहरी क्षेत्रों में यह संख्या 37,094 थी ,बाल वधुओ के इन चौकाने वाले आंकड़ों को मद्देनजररखते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है . शिक्षा का प्रचार प्रसार न होने जागरूकता की कमी ,पुरानी परम्पराओ को पालन करने के नाम पर होने वाले बाल विवाहों को रोकना सभी जागरूक नागरिकों का कर्त्तव्य है ,अक्षय तृतीया के मौके पर अधिकाधिक संख्या में बल विवाह संपन्न होते है जिनमे कई बार तो वर वधु बने बच्चे अंगूठा चूसते हुए माँ की गोद में बैठे रहते है तो अनेक मामलों में दस ग्यारह वर्ष की उम्र में ही शादी कर जाती है इस आयु में बच्चे न तो शारीरिक तथा मानसिक रूप से विवाह जैसी गंभीर जिम्मेदारी निभाने के लायक होते है .बाल विवाह से बालिकाओ की पढाई लिखाई बंद हो जाती है बल्कि उन्हें कम उम्र से ही मातृत्व का बोझ उठाना पड़ता है जिसके लिए वे शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार नहीं होती .बाल विवाह की प्रथा न ही धार्मिक रूप से सही है और न ही सामाजिक रूप से .पुरातन भारतीय व्यवस्था में भी व्यक्ति के शिक्षा पूर्ण करने के बाद युवावस्था में ही विवाह कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश को उचित बताया गया है किसी भी धर्मं ने नन्हे बच्चों की शादी को उचित नहीं ठहराया है बल्कि अल्पव्यस्क बालिकाओ की मृत्यु भी प्रसूति के समय हो जाती है , डॉ. दिनेश मिश्र अध्यक्ष अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति

Thursday, December 10, 2015

 
#Awareness against #witchcraft and superstitions... On doubt of being witch this woman and two another women assaulted and brutally bitten by the villagers of lachkera, she has even stopped going out from house , I met many times at their village ,console and convince them to again be part of main stream, this worked and one of them took round of the village along with me ,confident enough to face the society again..
Dr.Dinesh Mishra: #Awareness against #witchcraft and superstitions. ग्राम लचकेरा में मैं इस महिला से मिला जो जादू टोने के संदेह में प्रताड़ित हुई थी डायन/टोनही के आरोप में न केवल उसे व् दो अन्य महिलाओ के साथ मारापीटा गया था बल्कि सार्वजनिक रूप से घुमाया व् करेंट लगाया गया था .उस घटना के बाद से उन्होंने किसी काम के लिए भी बाहर जाना बंद कर दिया था उन्होंने अपनी आपबीती रुंधे गले से सुनाई काफी देर तक बातचीत करने समझने सांत्वना देने के बाद उनमे से यह महिला न मेरे साथ घर से बाहर आई बल्कि मेरे साथ साथ गाँव का कुछ दूरी तक पैदल चक्कर भी लगाया .उसके चेहरे पर आये आत्मविश्वास के भाव से मुझे बहुत संतुष्टि मिली डॉ .दिनेश मिश्र .


Tuesday, November 3, 2015

Awareness‬ against ‪#‎witchcraft‬ and ‪#‎superstitions‬. 4 killed in suspicion of witchraft. On sunday at sosokada tola village saraikela kharsawa near ranchi in jharkhand 2 women jinkaru 74 yrs old .soru 55 yrs old and their 2 sons ghasiya ,hagal were killed under suspicion of black magic and witchcraft Acussed shyamlal took the heads of victims and surrendered in police station. I Strongly condemn these shame ful incidences. and want strong action against accused. Dr.Dinesh Mishra . जादू टोने के संदेह में 4 हत्याएं झारखण्ड में रांची के पास सोसोकदा टोला में सरायकेला खरसावाँ जिला में दो ग्रामीणो ने गाँव की 2 महिलाओं जिंकारु उसकी बेटी सोरु तथा उनके 2 बेटों घसिया व हगल की जादू टोना करने/ डायन के शक में सिर काट कर हत्या कर दी. श्यामलाल मुंडा को तथा उसकी बेटी पर काला जादू करने श्यामलाल के बेटे को को जादू से बीमार कर मारने का संदेह था. यही नहीं आरोपी हत्या के बाद उन महिलाओ जिंकारु मुंडै 75 वर्षीया का कटा सर लेकर थाने पहुँच गया . अति निंदनीय घटना पूरे सभ्य समाज के लिए शर्मनाक घटनाएँ. जागरूकता अभियान व कड़ी कार्यवाही की जरुरत .डॉ.दिनेश मिश्र

Wednesday, October 14, 2015

#‎Awareness‬ against ‪#‎witchcraft‬ and ‪#‎superstitions‬ : I would like to bring it to notice of Jharkhand government and Jharkhand police, seeking attention towards a recent incident of a woman and her family been beaten up accusing them of practicing witchcraft and blackmagic.
Superstition in our country can give way to breaking rules and taking law and order in hand when villagers threaten a family of publicly killing them and mass surrender before police after the crime!
The incident took place recently on27th September at Dabu Chirotoli, Dumri block of Gumla district in Jharkhand, bordering Chhattisgarh.
A fifty-year- old woman Phool Kumari, her husband, brother-in-law and his wife were all beaten and thrashed by villagers and were forces to consume urine and human excreta in front of everyone.
The aggressive women in village accused Phool Kumari of being indulged in black magic practices which invariably brought problems to villagers' families. They alleged that despite warning her earlier, she continued her practices in which her family supported her.
" Hence, we punished all of her family members as well. She's a 'dayan' (witch) and if anything wrong happens in village again, we would kill her and mass surrender before Dumri police," the villagers had threatened.
Isn't it a human rights violation? It's also deep rooted superstition that has triggered this up.
While Jharkhand has been witnessing unbated number of incidents of witch-hunt with harassment of women, I, Dr Dinesh Mishra, representing Andh Shraddha Nirmulan Samiti demand for immediate intervention from Jharkhand police and government before an untoward incidents takes place with this woman and other women as well. Their Security should be prioritized.
Thanks and regards,
Dr Dinesh Mishra
President,
Andh Shraddha Nirmulan Samiti.(A voluntary organisation working against witchcraft and superstitions) Mob.9827400859

#‎Awareness‬ against ‪#‎witchcraft‬ and ‪#‎superstitions‬ ..झारखण्ड की सरकार एवं पुलिस प्रशासन से अपील .. कृपया ध्यान दें ‪#‎झारखण्ड‬ के गुमला जिला के डुमरी प्रखंड से अंधविस्वास के कारण डायन के संदेह में महिला प्रताड़ना का एक मामला सामने आया है जिसमे गुमला लातेहार और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाका उदनी पंचायत अन्तर्गत दाबू चिरोटोली गांव में ‪#‎डायन‬ बिसाही के आरोप लगाकर 27 सितम्बर को गांव के कुछ लोगो ने 50 वर्षीय फूलकुमारी देवी उसके पति भाकर मुंडा ,देवर सल्टू मुंडा और फरन तुरी की जमकर पिटाई कर दी और फूलकुमारी देवी और फरन तुरी को मल और मूत्र खिलाया सारी वारदात गांव के सुखराम मुंडा के घर पर हुई। गांव की महिलाए फूलकुमारी देवी को जादू टोना करके गांव के पशुओ और मनुष्यों को बीमार करने का आरोप लगाते हुए उन्हें डायन बिसाही करार देते हुवे आक्रोशित थीं, गांव के कुछ महिलाये रामपति देवी चीरो देवी कान्ति देवी सहित अन्य का कहना था कि पूर्व में भी उक्त महिला को कई बार चेतावनी दी गई थी पर सुधार नही हुआ, तब हम सब मिलकर दंड दिया और आगे गांव में किसी प्रकार की घटना होगी तब हम सब मिलकर फूलकुमारी को मार डालेंगे और लाश लेकर डुमरी थाना में सामूहिक रूप से सरेंडर करेंगे। ****यह घटना न केवल मानवाधिकार का उल्लंघन है बल्कि *ग्रामीणो के अन्धविश्वास के कारण इन महिलाओ की जान को खतरा बना हुआ है .चूँकि डायन के संदेह में प्रदेश में अनेक महिलाओ की हत्या हो चुकी है .इसलिए हम झारखण्ड की सरकार एवं पुलिस प्रशासन से मांग करते है कि इस मामले पर त्वरित कार्यवाही कर उक्त महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें. डॉ.दिनेश मिश्र अध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति एवं संयोजक कोई नारी डायन /टोनही नहीं अभियान. mob.9827400859

Thursday, July 23, 2015

डायन के संदेह में सिर ही काट दिया                         
                                   .असम के सोनितपुर के नजदीक विनाजुली ग्राम   में अन्धविश्वास के कारण एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है जिसमे डायन के संदेह में एक ६४ वर्षीया महिला का सिर काट दिया गया बताया जाता है की उस ग्राम के पुजारी की पत्नी एनिमा स्वयं पर लक्ष्मी देवी का संचार होने की बात प्रचारित करती है तथा उसने ग्राम में कुछ लोगों के बीमार होने का कारण ग्राम की ही एक वृद्ध महिला   पूर्णि ओरंग के द्वारा किये   जादू टोने को बताया तथा उसने पूर्णि ओरंग को घर से नदी के किनारे लेन को कहा जिससे ग्राम के ही कुछ लोग पूर्णि के घर पहुंचे ,उसे बालों से पकड़ कर खीचते हुए नदी किना रे तक लए इसी बीच उस बेचारी के साथ मारपीट की गयी उसके कपडे फाड़ कर उसे नग्न कर दिया गया तथा नदी के किनारे तथाकथित देवी बनी बैठी एनिमा के हुक्म पर पूर्णि का सिर काट दिया गया और इस तरह एक निर्दोष महिला लोगो के अन्धविश्वास का शिकार हो कर जान से हाथ धो बैठी डायन के संदेह में हत्या की यह घटना पूरे समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक है मै इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ  तथा आरोपियों को कड़ा दंड दिए जाने की मांग करता हूँ                                                                               ड़ॉ.दिनेश मिश्र  अध्यक्ष  अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति .