छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों से फर्जी बाबाओ के द्वारा आम
लोगो के साथ ठगी करने की अनेक घटनाये सामने आई है .ये बाबा लोग पहले तो
समाचार पत्रों ,टी .वी.चैनलों में लोगो को गुमराह करने के लिए विज्ञापन
देते है ,अपनी तथाकथित चमत्कारिक ताकतों का बखान करते है ,लोगो की समस्याओ
को मिनटों में दूर करने के दावे करते है और फिर जब व्यक्ति उनके जाल में
फंस जाता है ,तो ,तंत्र मंत्र ,जादू टोने,चमत्कार
के नाम पर ठगी करके फरार हो जाते है दो दिनों पहले रायपुर में एक महिला
तांत्रिक पकड़ाई है जो एक मुसीबत जदा महिला को ठग चुकी थी .हमने ऐसे बाबाओ
के खिलाफ अभियान भी चलाया है ,पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है ,अनेक बाबा
पकड़ाते भी है फिर अंधविश्वास के कारण अनेक लोग ऐसे फर्जी बाबाओ के चक्कर
में फंस ही जाते है ,अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति आम नागरिको को सतर्क करती
है वे ऐसे किसी भी तथाकथित बाबा तांत्रिक ,के चमत्कारिक दावो पर यकीं न करे
,उन के जाल में न फंसे .तथा समाचार पत्रों टी वी चैनलों से भी अपील करती
है कि ऐसे बाबाओ तांत्रिको के विज्ञापन न प्रकाशित करें .डॉ. दिनेश मिश्र
अध्यक्ष अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति
Wednesday, July 24, 2013
Sunday, July 14, 2013
Monday, July 8, 2013
अन्धविश्वास ,पाखंड के खिलाफ अभियान
जब
से हमने अन्धविश्वास ,पाखंड के खिलाफ अभियान शुरू किया है अनेक
पुजारियों ,मठाधीशो के आपत्ति जनक काम बंद हुए ह ,उनकी आमदनी में
भी शायद कमी आई है .उन में से कुछ कभी तो धमकीया देते हँ तो
कुछ अनर्गल प्रलाप करते है ,उन्ही में से किसी पुजारी ने पहले तो मेरे पेज
पर जाकर लाइक किया फिर कुछ घंटे बाद कमेन्ट किया , कि,आप धर्म के
खिलाफ काम करते है ,विदेशो से पैसा आता है ,बाकी धर्म के
विरोध में नहीं बोलते ,आदि आदि ,जबकि 1995 से जब से हमने अन्धविश्वास
निर्मूलन का काम आरम्भ किया है बिलकुल स्वैच्छिक रूप से किया है 1995 से
आज त़क हमने किसी सरकारी ,निजी ,देशी ,विदेशी एजेंसी एक धेला भी मदद
,चंदा ,फंड नहीं लिया है न ही भविष्य में कभी लेंगे .इस बात कि कोई भी किसी
भी एजेंसी से जांच भी करा सकता है.चंगाई सभा के खिलाफ पूरे देश में सबसे
पहले हमने ही आन्दोलन धरना किया तथा उन्हें लिखित में लिया खा कि वे अपनी
सभा में मरीजों को नहीं लायेंगे ,अभी २३ मईको मैंने एस.पी.को लिखित में
शिकायत कि थी कि होटलों में बहार से आये मूसा ,पाशा जैसे कुछ ठग तांत्रिक
रुक रहे है तथा लोगो को ठग रहे है.यदि वे पुजारी ,चाहे तो मेरे पास आकर
चंगाई ,तांत्रिको ,कि ठगी के खिलाफ कार्यवाही /अभियान के कागजात देख सकते
है और अंतिम बात पुजारी को यह क्यों नहीं समझ में आता कि जादू टोन ,टोनही
जैसे अन्धविश्वास के कारण निर्दोष महिलाओ को प्रताड़ित होने से बचाना कैसे
धर्मं विरोधी हो सकता है ,नरबली ,पशुबलिसे निर्दोष जानो को बचाना
,नेत्रदान .के लिए प्रेरित करना कैसे धर्मं विरोधी हो सकता है . डॉ.दिनेश
मिश्र .अध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति
Sunday, July 7, 2013
डायन/टोनही प्रताड़ना
डायन/टोनही प्रताड़ना के मामले में जशपुर के लोदाम चौकी के ग्राम
सरैटोलीमें अल्बिना एक्का नामक महिला
को डायन के संदेह में टंगिया से काट कर मार डाला ,आरोपी को संदेह था की
उसके बच्चे की मौत उस महिला के जादू टोने के कारण हुई है वही पेंड्रा के
ग्राम सोंबचरवरमें एक महिला सविता को जादू टोना कर बीमार करने के शक में
ग्रामीणों ने घेर कर पिटाई की ,वाही झारखण्ड में दो महिलाओ को एक तांत्रिक
के कहने पर ग्रामीणों ने डायन के संदेह में पीट पीट कर ,मार डाला.बुरी तरह
से घायल उन महिलाओ की मृत्यु गाव में ही हो गयी . अन्धविश्वास के कारण हुई
इन घटनाओ की हम कड़ी निंदा करते है डॉ.दिनेश मिश्र अध्यक्ष अंध श्रद्धा
निर्मूलन समिति
Saturday, June 29, 2013
उत्तराखंड के हादसे के बाद सबसे आवश्यक क्या है ,लापता लोगों की खोजबीन
,मृतकों का अंतिम संस्कार ,घायलों व पीडितो का उपचार ,बाद से प्रभावित हुए
सैकड़ो ग्रामो के नागरिको के पुनर्वास ,उनके लिए रहने खाने ,पीने ,रोजगार
,इलाज ,के लिए पुख्ता इंतजाम .जो वास्तव में सबसे पहले .व त्वरित होना
चाहिए ,अथवा यह कि,केदारनाथ में मंदिर का पुनरुद्धार कौन करेगा ,दो
मुख्यमंत्री ,और एक व्यवसायी को मंदिर बनाने कि अधिक चिंता है ,एक
शंकराचार्य और केदारनाथ के पुजारी इस बात पर वाद विवाद कर रहे है, कि पूजा
कहा होना चाहिए ,जरा सोचिये एक तरफ तो यह कहा जाता है कि मानव सेवा ही
माधव सेवा है ,मानवता से बड़ा कोई धर्मं नहीं ,तो मंदिर ,और पूजा को लेकर यह
विवाद क्यों ,सबसे अच्छा कम तो सेना कर रही है ,जो अपने जवानो की जान देकर
भी प्रभावित लोगो को बचा रही है ..
Wednesday, June 19, 2013
अन्धविश्वास के चलते जब छत्तीसगढ़ के जशपुर के निकट एक ग्रामबांसाझाल की ८ वी कक्षा की १५ वर्षीया छात्रा सुनीता टोप्पो ने अपने सपने में माँ दुर्गा के आने व दुर्गा से शादी करने की बात जब अपने
रिश्तेदारों व ग्रामीणों से कही तो ग्रामीणों ने बाकायदा कार्ड छपाया
,निमंत्रण बाँट कर विवाह समारोह आयोजित कर सुनीता की माँ दुर्गा से शादी
करवा दी . पढने लिखने .करियर बनाने के लिए उस बच्ची को प्रेरित किया जाना
चाहिए था ,ऐसे मामलो में व्यक्ति आगे जाकर मनोविकार का शिकार हो जाता है .
Monday, June 17, 2013
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