"मूर्ति से केसर बहने की घटना " रायपुर के एक मंदिर में स्थापित मूर्ति के मस्तक से केसर बहने की घटना शुकवार की रात प्रचारित हुई ,जिसमे हमने लोगो से कहा कि ,किसी भी प्रतिमा से इस प्रकार केसर या किसी भी वस्तु काचमत्कारिक रूप से निकलना वैज्ञानिक दृष्टि से संभव नहीं है ,इसके पहले भी कुछ स्थानों से मूर्तियों से आंसू निकलने ,शहद ,भभूत ,निकलने की बाते प्रचारित हुई थी ,जो बाद में भ्रामक निकली .वास्तव में श्रद्धालु मूर्तियों पर अभिषेक करते समय जो जल ,चन्दन ,केसर ,दूध चढाते है ,वही पदार्थ बाद में उन मूर्तियों से बाहर आताहै ,हमने अपील की कि लोग अन्धविश्वास में न पड़े ,
Sunday, September 4, 2011
Tuesday, August 30, 2011
"नेत्रदान पखवाडा २५ अगस्त से ८ सितम्बर
"नेत्रदान पखवाडा २५ अगस्त से ८ सितम्बर" .नेत्र दान से दृष्टिहीनों के जीवन में प्रकाश फैलाना संभव है . पूरी दुनिया में करीब ३ करोड़ लोग पूरी तरह से दृष्टिहीन है ,८० लाख लोगो की एक आंख ख़राब है तथा ५ करोड़ लोग कम दृष्टि के कारन घर से बहार निकालने से लाचार है ,भारत में करीब २५ लाख मरीज कार्निया के रोगों से पीड़ित है जो नेत्रदान से प्राप्त आँखों की बाटजोह रहे है ,जिसमे प्रतिवर्ष २० हजार दृष्टिहीनों की संख्या जुडती जा रही है . श्रीलंका जैसा छोटा देश भी नेत्रदान के मामले में भारतवर्ष से आगे है .आइये ,इस नेत्र दान पखवाड़े में मरणोपरांत नेत्रदान की शपथ ले ,
Sunday, August 21, 2011
छात्राए अन्धविश्वासो के खिलाफ जागरूक रहे .
छात्राए अन्धविश्वासो के खिलाफ जागरूक रहे . शासकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित व्याख्यान में छात्राओसे अन्धविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सचेत तथा जागरूक रहने का आव्हान किय गया .उन्हें किताबी कीड़ा बननेकी बजाय एक संपूर्ण व जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किय गया .हमने छात्राओ से समाज में व्याप्त विभिन्न रुढ़िवादी परम्पराओ की चर्चा की तथा उनका अन्धानुकरण नहीं करने की सलाह दी .हमने उन छात्राओ से कहा कि वे जादू -टोना ,तंत्र मंत्र ,भूत -प्रेत जैसे किसी भी अन्धविश्वास को नहीं माने,बल्कि स्वयं पर पूरा विश्वास रखे .जीवन कि किसी भी परीक्षा में पास होने का कोई मंत्र ,कवच ,ताबीज ,नहीं होता कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत से ही जीवन में सफल हो सकता है ,व्याख्यान के बाद हमने छात्राओ के प्रश्नों के जवाब भी दिए .यह व्याख्यान महिला छात्रावास में रहने वाली छात्राओ के लिए आयोजित किया गया था जो ग्रामीण अंचल व अपेक्षाकृत छोटे स्थानों से आई हुयी है,तथा वहां अन्धविश्वास के मामले सामने आते रहते है
Monday, August 15, 2011
साध्वीतथा एक प्रतिष्टित परिवार
हमारे पास शहर के एक प्रतिष्ठित परिवार की शिकायत आई है ,कि उनके परिवार के मुखिया वृन्दावन से प्रवचन के लिए आने वाली एक तथाकथित साध्वी के जाल में फंस गए है ,तथा अपना पूरा रूपया पैसा उस पर लुटा रहे है ,पारिवारिक जिम्मेदारियों से मुख मोड़ रहे है ,पुलिस में भी शिकायत किये हुए काफी समय हो चुकाहै ,परिवार निराश हो रहा है ,मुझसे मदद मांग रहे है, ,मै सोच रहा हू,कि मुझे साध्वी ,उस व्यक्ति ,से बात करनी चाहिए , मैंने भी पुलिसमें शिकायत की है पर कुछ नहीं हो पाया है अब ,मै सोच रहा हू,कि मुझे साध्वी ,उस व्यक्ति ,से बात करनी चाहिए ,सुझाव दे .
जैसा कि मैंने पहल्रे बताया था प्रवचन करने वाली एक साध्वीतथा एक प्रतिष्टित परिवार के मुखिया के मामले में जब हम बातचीत करने साध्वी के फ्लैट गए तब हमारे साथ उस परिवार के सदस्य व,एक चैनल के पत्रकार भी थे ,करीब एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई.अंत में दोनों पक्षों से विचार विमर्श के बाद हमने यह निर्णय करने में सफलता पा ली ,कि आगे से वह व्यक्ति उस साध्वी के घर नहीं आयेगा,साध्वी ने,तथा उस व्यक्ति ने हमसे यह वादा किया, हमने दोनों क़ीसामाजिक स्थिती को देखते हुए उनके नाम सार्वजनिक न करने का फैसला लिया. . ,, ,
जैसा कि मैंने पहल्रे बताया था प्रवचन करने वाली एक साध्वीतथा एक प्रतिष्टित परिवार के मुखिया के मामले में जब हम बातचीत करने साध्वी के फ्लैट गए तब हमारे साथ उस परिवार के सदस्य व,एक चैनल के पत्रकार भी थे ,करीब एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई.अंत में दोनों पक्षों से विचार विमर्श के बाद हमने यह निर्णय करने में सफलता पा ली ,कि आगे से वह व्यक्ति उस साध्वी के घर नहीं आयेगा,साध्वी ने,तथा उस व्यक्ति ने हमसे यह वादा किया, हमने दोनों क़ीसामाजिक स्थिती को देखते हुए उनके नाम सार्वजनिक न करने का फैसला लिया. . ,, ,
स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस पर सामाजिक अन्धविश्वासो एवं कुरीतियों को मिटाने का संकल्प करे . स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाये .
Sunday, August 14, 2011
दूध देने वाला बकरा बना आश्चर्य का केंद्र
दूध देने वाला बकरा बना आश्चर्य का केंद्र ; रायपुर के संतोषी नगर से हमें यह खबर मिली कि वहा एक परिवार के पास एक बकरा है जो दूध देता है जिसे लेकर लोगो में हैरत है ,कुछ इसे दैवीय चमत्कार मान रहे है ,तो कुछ इसे लेकर अंधविश्वास में पड़ रहे है ,जब हम उस घर में पहुचे तब हमें दो युवक मिले अकबर व नासिर नामक उन युवको ने बताया कि तीनसाल की उम्र का यह बकरा करीब एक माह से ढूध दे रहा है ,रोज करीब दो सौ ग्राम दूध निकलता है ,उन्होंने हमें दूध निकल कर दिखाया हमने वहा मौजूद लोगो को समझाया कि इसमें चमत्कार जैसी कोई बात नहीं है यह हारमोंस के असंतुलन से होता है यदि किसी पुरुष प्राणी के शरीर में ऐसे हारमोंस बनने लगे जो मादा ( female ) . में बनते है इनमे progesterone ,oestrogen तथा prolactin है ,ये ही किसी प्राणी में महिला गुणों( feminine characters ) के विकसित होने के लिए जिम्मेदार होते है ,इसे चमत्कारिक नहीं बल्कि एक असामान्य बकरा माना जावे .
हरेली की रात में ग्राम सभा एवं जनजागरण अभियान
हरेली की रात में ग्राम सभा एवं जनजागरण अभियान. इस साल हरेली की रात हमने दुर्ग जिले के पाटन तहसील के ग्रामो में रात्रि भ्रमण किया ,ग्रामीणों से संपर्क किया ,उनसे चर्चा की . ग्राम अमलेश्वर में सभा भी आयोजित की ,जादू टोने की मान्यता ,डायन/ टोनही के अंधविश्वास के कारण महिलाओ पर होने वाली प्रताड़ना के विरोध ,तथा ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए हम हरेली की अँधेरी रात में यह आयोजन करते है , रात में ही हम अपने साथियों व ग्रामीणों के साथ सुनसान स्थलों ,तालाबो , शमशान घाटो, नदी तट पर भी गए , सरपंच व ग्रामीणों को साथ लेकर जागरूकता अभियान संचालित किया . ,
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